PM Modi: डरपोक कांग्रेस ने 26/11 हमले में विदेशी दबाव में सेना को रोका !

PM Modi ने कांग्रेस पर 2008 मुंबई आतंकी हमले के बाद विदेशी दबाव में सेना को रोकने का आरोप लगाया। जानें पूरा मामला।
नवी मुंबई 8 Oct : PM Modi ने बुधवार को महाराष्ट्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन समेत कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करने के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सत्ता में रहते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले (26/11) का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार पर विदेशी दबाव में फैसला लेने का आरोप लगाया।
“किसने लिया विदेशी दबाव में फैसला?”
PM Modi ने अपने संबोधन में कहा, “हाल ही में कांग्रेस के एक बड़े नेता, जो कांग्रेस के शासनकाल में देश के गृह मंत्री रह चुके हैं, ने एक साक्षात्कार में बड़ा खुलासा किया है।” पीएम मोदी ने स्पष्ट तौर पर पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के हवाले से कहा, “2008 के मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने को तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था, लेकिन किसी दूसरे देश के दबाव में कांग्रेस सरकार ने देश की सेनाओं को पाकिस्तान पर हमला करने से रोक दिया।”
उन्होंने मांग करते हुए कहा, “कांग्रेस को बताना होगा कि वह कौन था जिसने विदेशी दबाव में फैसला लिया और मुंबई व देश की भावना से खिलवाड़ किया।” यह टिप्पणी पी. चिदंबरम के एक हालिया साक्षात्कार पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन विदेश मंत्रालय और वैश्विक शक्तियों के दबाव के कारण कूटनीतिक रास्ता अपनाया गया।
“आज का भारत घर में घुसकर मारता है”
PM Modi ने वर्तमान केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इसकी तुलना करते हुए कहा, “हमारे लिए देश और देशवासियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आज का भारत दमदार जवाब देता है, घर में घुसकर मारता है। यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने देखा है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी होने के नाते आतंकवादियों का प्रमुख निशाना थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने “कमजोरी का संदेश दिया और आतंकवाद के सामने घुटने टेक दिए।” उनके इस बयान ने सत्ता में रहते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्धता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
26/11 मुंबई आतंकी हमला: एक स्मरण
साल 2008 के नवंबर महीने में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई शहर में एक सुनियोजित और भीषण आतंकी हमला किया था। भारी हथियारों से लैस इन आतंकवादियों ने शहर में तीन दिनों तक आतंक मचाया, जिसमें 166 निर्दोष लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। इस हमले में कई विदेशी नागरिक भी मारे गए थे, जिसने इसकी अंतरराष्ट्रीय पहलू को और बढ़ा दिया। यह हमला भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है और इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग उठी थी।
प्रधानमंत्री मोदी के इन बयानों ने एक बार फिर से उस ऐतिहासिक घटना और तत्कालीन सरकार की भूमिका पर राजनीतिक बहस को फिर से शुरू कर दिया है। यह मुद्दा आगामी चुनावी महत्वाकांक्षाओं के मद्देनजर और अधिक प्रासंगिक हो गया है।
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