
PM Modi और France President Macron ने फोन पर यूक्रेन, West Asia संकट पर चर्चा की। जानें उनकी बातचीत की 5 प्रमुख बातें और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के बारे में।
नई दिल्ली 21 Aug: वैश्विक राजनीति में चल रही उथल-पुथल के बीच PM Modi ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोनिक वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बातचीत का केंद्र यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशना और भारत-फ्रांस के रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करना था।
PM Modi Macron Phone Talk:
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई देश यूक्रेन में जारी युद्ध और इस्राइल-हमास संघर्ष के कारण उपजे पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल को शांत करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं। इस पृष्ठभूमि में, दो प्रमुख वैश्विक नेताओं के बीच हुई यह चर्चा काफी महत्व रखती है।
बातचीत के प्रमुख अंश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस वार्ता की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “अपने दोस्त राष्ट्रपति Macron के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति Macron ने भी ‘एक्स’ पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, “मैंने अभी-अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। हमने यूक्रेन में युद्ध पर अपनी स्थिति का समन्वय किया ताकि यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा की मजबूत गारंटी के साथ न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की ओर बढ़ सकें।”
आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर जोर
राष्ट्रपति मैक्रों ने आगे बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापारिक मुद्दों और द्विपक्षीय आर्थिक आदान-प्रदान को सभी क्षेत्रों में मजबूत करने पर सहमति जताई। मैक्रों के अनुसार, यह साझेदारी दोनों देशों की “संप्रभुता और स्वतंत्रता की कुंजी” है।
एआई और बहुपक्षवाद पर सहमति
दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की। मैक्रों ने कहा कि फरवरी में पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट के बाद, दोनों देश 2026 में नई दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
साथ ही, उन्होंने अधिक प्रभावी बहुपक्षवाद के लिए 2026 में फ्रांस की जी7 अध्यक्षता और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की तैयारियों में समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
वैश्विक पृष्ठभूमि
यह बातचीत उस समय हुई है जब हाल ही में अमेरिका में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रपति मैक्रों भी मौजूद थे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन में जारी संघर्ष को रोकने के लिए लगातार राजनयिक प्रयास कर रहा है, जिसमें भारत और फ्रांस जैसे प्रमुख देशों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
इस प्रकार, यह टेलीफोनिक वार्ता न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक राजनयिक पहल भी है। भारत और फ्रांस के बीच यह सहयोग भविष्य की अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।
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