Monsoon Disaster 2025: उत्तराखंड में बस नदी में समाई, गुजरात समेत कई जिलों में मची बाढ़ से तबाही

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Monsoon 2025 भारत में तबाही लेकर आया। उत्तराखंड में बस अलकनंदा नदी में गिरी, गुजरात में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात। जानिए देशभर में मानसून की तबाही की पूरी रिपोर्ट।

लखनऊ 25 जून 2025: देशभर में मानसून (Monsoon) ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। एक ओर जहां उत्तराखंड में यात्रियों से भरी एक बस अलकनंदा नदी में बह गई, वहीं गुजरात में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। इन घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों अब भी लापता हैं।

उत्तराखंड में Monsoon बना जानलेवा: बस अलकनंदा में समाई

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के घोलतीर इलाके में शुक्रवार सुबह लगभग 7:40 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यात्रियों से भरी टेंपो ट्रैवलर बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गई। पुलिस के मुताबिक, बस में कुल 19 लोग सवार थे, जो बद्रीनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, दो यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। सात लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें छह गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से चल रहा है और नदी के तेज बहाव के बावजूद NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर जुटी हैं। Monsoon की वजह से नदियों में जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू में खासी दिक्कतें आ रही हैं।

गुजरात में Monsoon बना आफत: बाढ़, डूबते वाहन, डरे लोग

गुजरात में भी मानसून ने तांडव मचा रखा है। अहमदाबाद में पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के पूर्वी इलाके जलमग्न हो गए हैं। मणिनगर, वटवा, निकोल, ओधव और विराट नगर जैसे इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है।

इस Monsoon तबाही के बीच सबसे दर्दनाक घटना तब सामने आई जब एक बाइक सवार युवक बारिश के बहाव में आकर ड्रेनेज लाइन में गिर गया। दमकल विभाग ने 9 घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव 200 फीट दूर से बरामद किया। अहमदाबाद में अब तक इस सीजन में 6.03 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

सूरत शहर में भी लगातार तीसरे दिन गुरुवार को बाढ़ जैसे हालात रहे। गीतानगर इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो गया। इसी क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे फायर ब्रिगेड की टीम ने नाव के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।

हिमाचल और राजस्थान में भी असर

Monsoon का प्रभाव केवल उत्तराखंड और गुजरात तक सीमित नहीं है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में बादल फटने की पांच घटनाएं बीते 24 घंटे में दर्ज की गई हैं। इनमें से दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि कई लापता हैं। कुल्लू जिले में लगभग 2,000 पर्यटक फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भी मानसून का असर देखने को मिला है। बीते 24 घंटों में यहां 8 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। सड़कों पर पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में बिजली-पानी जैसी सुविधाएं ठप हो गई हैं।

पर्यावरणीय संकट की चेतावनी

बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की यह शृंखला एक बार फिर यह बताती है कि Monsoon के साथ तैयारी और सतर्कता बेहद जरूरी है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब मानसून न केवल देर से आता है, बल्कि आते ही चरम पर पहुंचकर तबाही मचाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अतिवृष्टि और बादल फटना जलवायु असंतुलन का संकेत है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

उत्तराखंड की दुर्घटना हो या गुजरात की बाढ़, Monsoon इस बार चेतावनी बनकर आया है। देश के कई हिस्सों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राहत और बचाव कार्य तो जारी हैं, लेकिन इस बदलते मौसम के मिजाज से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। सरकार को चाहिए कि जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में Monsoon Emergency Planning को प्राथमिकता दें। तभी इन हादसों से बचा जा सकता है।

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