Israel Iran युद्ध की कगार पर, ट्रंप की चुप्पी बनी चिंता का सबब!

Israel ने Iran के परमाणु ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि ट्रंप की अस्पष्ट टिप्पणियों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। खामेनेई ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी।
19 June: Israelऔर Iran के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। एक तरफ Israel Iran के परमाणु स्थलों पर निशाना साध रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रहस्यमयी चुप्पी और अस्पष्ट बयान वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का अगला कदम इस संघर्ष को पूर्ण युद्ध में बदल सकता है या फिर बातचीत की राह पर ले जा सकता है।
ट्रंप का रहस्यमयी रुख: “कोई नहीं जानता मैं क्या करने वाला हूँ”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने Iran पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन वह अंतिम आदेश देने से पहले ईरान के रुख का आकलन करना चाहते हैं। “मैं कर सकता हूँ, मैं नहीं भी कर सकता… कोई नहीं जानता मैं क्या करने वाला हूँ,” उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारी वॉशिंगटन में गुप्त वार्ता करना चाहते हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि “अब बहुत देर हो चुकी है।” इस बीच, यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री ईरानी विदेश मंत्री से जिनेवा में मिलकर उन्हें यह भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
इजरायल का दबाव बढ़ा, नेतन्याहू ने कहा – “ईरान के ठिकाने खत्म कर रहे हैं”
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उनकी सेना “ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को धीरे-धीरे नष्ट कर रही है।” उन्होंने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए उन्हें “इजरायल का सच्चा मित्र” बताया और कहा कि दोनों देश लगातार संपर्क में हैं।
इजरायली सेना ने बताया कि उसने ईरान द्वारा छोड़े गए कई ड्रोन को उत्तरी इजरायल और जॉर्डन घाटी के ऊपर मार गिराया। साथ ही, इजरायली वायुसेना ने दावा किया कि उसने ईरान के एक पुलिस मुख्यालय को नष्ट कर दिया है।
खामेनेई की धमकी: “अमेरिका को ऐसी क्षति होगी जो कभी भरपाई नहीं होगी”
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को एक टेलीविजन संदेश में अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप किया, तो उसे ऐसी क्षति होगी जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी। ईरानी राष्ट्र कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा।”
क्या होगा अगला कदम?
- युद्ध की आशंका: अगर ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को हरी झंडी दे दी, तो मध्य पूर्व में बड़ा युद्ध छिड़ सकता है।
- यूरोपीय हस्तक्षेप: जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन की कोशिश है कि ईरान को परमाणु समझौते पर वापस लाया जाए।
- ईरान की प्रतिक्रिया: खामेनेई के बयान से साफ है कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है।
दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वह युद्ध का रास्ता चुनेंगे या फिर कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ेंगे?
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